4थी पास ठग का फिल्मी अंदाज: बॉलीवुड एक्ट्रेस से चौथी शादी और करोड़ों की ठगी का पूरा सच

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4थी पास ठग का फिल्मी अंदाज: बॉलीवुड एक्ट्रेस से चौथी शादी और करोड़ों की ठगी का पूरा सच

4थी पास ठग का फिल्मी अंदाज: बॉलीवुड एक्ट्रेस से चौथी शादी और करोड़ों की ठगी का पूरा सच

गुरुग्राम पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसने अपनी चालाकी से बड़े-बड़े लोगों को चूना लगाया है। इस गिरोह का मुख्य सरगना प्रभु भाई सोलंकी है, जिसने देशभर में अपनी ठगी का जाल (Fraud Network) इस कदर फैलाया कि उसकी हकीकत जानकर हर कोई दंग है।

प्रभु भाई सोलंकी: चौथी पास शातिर दिमाग की कहानी

गुजरात के रहने वाले प्रभु भाई सोलंकी की कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लगती है। मात्र चौथी कक्षा तक पढ़ा होने के बावजूद, उसका दिमाग किसी मंझे हुए अपराधी की तरह काम करता था। उसने न केवल आम लोगों को लूटा, बल्कि राजनीति और ग्लैमर की दुनिया में भी अपनी गहरी पैठ बना ली थी। उसकी जालसाजी (Forgery) करने की तकनीक इतनी सटीक थी कि लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे।

कैसे बिछाया ठगी का जाल (Fraud Network)?

इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद अनोखा और सुनियोजित था। प्रभु भाई और उसका गिरोह पुराने सोने के सिक्कों के नाम पर लोगों को ठगने का काम करते थे। वे अक्सर निर्माण स्थलों या पुराने खंडहरों के पास जाकर लोगों से मिलते थे और दावा करते थे कि उन्हें खुदाई के दौरान प्राचीन सोने के सिक्के मिले हैं।

विश्वास जीतने का खतरनाक तरीका

लोगों को यकीन दिलाने के लिए वे पहले असली सोने के दो-तीन सिक्के दिखाते थे। जब पीड़ित उन सिक्कों की जांच करवाता और वे असली निकलते, तो उसका विश्वास पक्का हो जाता था। इसके बाद प्रभु भाई लाखों रुपये के बदले भारी मात्रा में नकली सिक्के थमाकर रफूचक्कर हो जाता था। इस धोखाधड़ी (Fraud) के माध्यम से उसने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की।

बॉलीवुड एक्ट्रेस से शादी और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल

प्रभु भाई सोलंकी की निजी जिंदगी भी काफी चर्चाओं में रही है। उसने कुल चार शादियां कीं, जिनमें से उसकी चौथी पत्नी बॉलीवुड की एक फिल्म अभिनेत्री है। वह गुरुग्राम की एक आलीशान सोसाइटी में रहता था और महंगी गाड़ियों में घूमता था। उसका रहन-सहन देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता था कि वह एक अपराधी है।

राजनीति और प्रधानमंत्री के नाम पर होटल

अपनी ठगी की कमाई को निवेश करने और अपनी साख बनाने के लिए उसने राजनीति का भी सहारा लिया। उसने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ा, हालांकि उसे वहां सफलता नहीं मिली। इसके अलावा, उसने गुजरात में एक होटल भी शुरू किया था, जिसका नाम उसने प्रधानमंत्री के नाम पर “पीएम होटल” रखा था। इससे वह लोगों के बीच अपनी एक प्रभावशाली छवि बनाने में कामयाब रहा।

गुरुग्राम में गिरफ्तारी और खुलासे

प्रभु भाई सोलंकी की गिरफ्तारी गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 इलाके में हुई एक बड़ी ठगी के बाद हुई। उसने एक व्यक्ति से करीब 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी (Cheating) की थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि उसके खिलाफ गुजरात और हरियाणा के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं।

इस ठग गिरोह की मुख्य विशेषताएं:

  • यह गिरोह खुद को मजदूर बताकर लोगों से संपर्क करता था।
  • सस्ते दाम पर सोने के सिक्के देने का लालच देकर करोड़ों की वसूली करता था।
  • गिरोह का सरगना प्रभु भाई सोलंकी गुजरात से अपनी गतिविधियों का संचालन करता था।
  • उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई बार ठिकाने बदले।
  • वह राजनीति और ग्लैमर वर्ल्ड के संपर्कों का इस्तेमाल अपनी सुरक्षा के लिए करता था।

निष्कर्ष

प्रभु भाई सोलंकी की यह कहानी हमें चेतावनी देती है कि लालच में आकर किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना कितना महंगा पड़ सकता है। सोने के सिक्के या गुप्त धन जैसे प्रलोभन अक्सर ठगी का हिस्सा होते हैं। पुलिस फिलहाल इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही और भी बड़े खुलासे होंगे।

अगर आपको भी कोई इस तरह का प्रलोभन देता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें और सुरक्षित रहें। जागरूकता ही ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।


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