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देहरादून के कालसी में युवा संसद प्रतियोगिता का शानदार आयोजन
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के कालसी क्षेत्र में हाल ही में युवा संसद प्रतियोगिता (Youth Parliament Competition) का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों के भीतर छिपी नेतृत्व क्षमता को बाहर लाना और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से रूबरू कराना था। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों ने हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कालसी में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं ने न केवल राजनीति की समझ दिखाई, बल्कि देश के सामने मौजूद ज्वलंत मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। ऐसी प्रतियोगिताओं से छात्रों के भीतर आत्मविश्वास का संचार होता है और वे एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं।
ईएमआरएस पर्दा चुंडावत ने हासिल की शानदार जीत
इस युवा संसद प्रतियोगिता (Youth Parliament Competition) का सबसे आकर्षण केंद्र विजेता विद्यालय रहा। कड़ी प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) पर्दा चुंडावत ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जीत का परचम लहराया। विद्यालय के छात्रों ने संसदीय कार्यवाही का जिस तरह से अनुकरण किया, उसने जजों और दर्शकों का दिल जीत लिया।
विजेता टीम के सदस्यों ने विधायी प्रक्रियाओं, प्रश्नकाल और बहस के दौरान अपनी तार्किक शक्ति का परिचय दिया। इस जीत ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया है, बल्कि कालसी क्षेत्र के अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।
छात्रों ने सीखी लोकतंत्र की बारीकियां
युवा संसद के माध्यम से छात्रों को देश की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलता है। इस प्रतियोगिता के दौरान छात्रों को विभिन्न भूमिकाएं दी गई थीं, जैसे:
- संसद के अध्यक्ष (Speaker) की भूमिका
- प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्य
- विपक्ष के नेता और सांसद
- विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि
इन भूमिकाओं को निभाते हुए छात्रों ने सीखा कि किस प्रकार संसद में कानून बनाए जाते हैं और किस तरह जनहित के मुद्दों पर चर्चा की जाती है।
युवा संसद प्रतियोगिता के मुख्य आकर्षण
इस कार्यक्रम में कई ऐसे तत्व रहे जिन्होंने इसे खास बनाया। छात्रों की तैयारी और उनके बोलने की शैली ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
- तर्कपूर्ण बहस: छात्रों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर तार्किक बहस की।
- अनुशासन: संसद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए छात्रों ने अनुशासन का पालन किया।
- लोकतांत्रिक मूल्य: छात्रों के बीच सहनशीलता और दूसरों के विचारों का सम्मान करने की भावना विकसित हुई।
- नेतृत्व विकास: सार्वजनिक रूप से बोलने (Public Speaking) की कला में सुधार हुआ।
कालसी क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा
कालसी जैसे क्षेत्रों में युवा संसद प्रतियोगिता (Youth Parliament Competition) का आयोजन यह दर्शाता है कि शिक्षा का स्तर अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गया है। सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह की गतिविधियों का होना अत्यंत आवश्यक है। इससे ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के छात्रों को मुख्यधारा से जुड़ने का मौका मिलता है।
इस प्रतियोगिता में ईएमआरएस पर्दा चुंडावत की सफलता यह भी बताती है कि आवासीय विद्यालयों में छात्रों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां के छात्र अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार हो रहे हैं।
संसदीय लोकतंत्र की समझ और युवाओं की भूमिका
भारत एक विशाल लोकतंत्र है और इसकी सफलता आने वाली पीढ़ी पर निर्भर करती है। जब छात्र स्कूल के स्तर पर ही संसदीय शिष्टाचार (Parliamentary Etiquette) सीख लेते हैं, तो भविष्य में वे देश के एक जागरूक और सजग नागरिक बनते हैं। इस प्रतियोगिता ने छात्रों को यह सिखाया कि असहमति के बावजूद किस तरह शालीनता के साथ अपनी बात रखी जा सकती है।
निष्कर्ष
देहरादून के कालसी में आयोजित युवा संसद प्रतियोगिता (Youth Parliament Competition) ने यह साबित कर दिया है कि हमारे युवाओं के पास असीम क्षमताएं हैं। ईएमआरएस पर्दा चुंडावत की जीत उनकी कड़ी मेहनत और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन का परिणाम है। इस तरह के आयोजन नियमित रूप से होने चाहिए ताकि छात्रों का बौद्धिक और सामाजिक विकास सुनिश्चित हो सके।
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