श्री कृष्ण चालीसा हिन्दी अर्थ सहित- Shri Krishna Chalisa in Hindi
बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।
अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥
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बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।
अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥
भक्तो की कहानी (Bhakto ki New Kahaniyan in Hindi):- प्राचीन काल की बात है। आजकल जहाँ श्री बालाजी का मन्दिर है, वहाँ से थोडी दूर एक चक्र पुष्करिणी नाम का तीर्थ था। उसके तट पर श्री वत्सगोत्रीय पद्मनाभ नाम के ब्राह्मण निवास करते थे। भगवान के नाम का जप, भगवान का स्मरण और चिन्तन यही […]
Continue Readingदक्षिण मे रामानुज नाम से प्रसिद्ध एक जितेन्द्रिय ब्राह्मण थे। भगवान विष्णु के चरणो मे उनका अटूट अनुराग था। उन्होंने क्रमशः ब्रह्मचर्य और गृहस्थ आश्रम को पार करके वानप्रस्थ में प्रवेश किया।
Continue Readingश्री हरि ही स्वर्ग आदि के रचयिता हैं। सृष्टि और प्रलय आदि उन्हीं के स्वरुप हैं। सृष्टि के आदि कारण भी वे ही हैं। वे ही निर्गुण हैं और वे ही सगुण हैं।
Continue Readingॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता।
जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥
जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग।
जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग।।
1. कहीं भी थूकना नहीं चाहिए : यदि आपको कभी भी थूकते रहने की आदत है तो आप यह मान लें कि आपका यश, सम्मान और आपकी प्रतिष्ठा ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है।
Continue Readingएक ईश्वर भक्त गीताभ्यासी ब्राह्मण थे। वे गीता के अर्थ को समझते हुए समस्त गीता का बार-बार पाठ करते और भगवान के नाम का जप तथा उनके स्वरूप का ध्यान करने में ही अपना सारा समय व्यतीत करते थे।
Continue Readingश्री दुर्गा जी की आराधना के लिए निम्न आरती (Durga Mata Ki Aarti, Ambe Mata Ki Aarti- Jai Ambe Gauri) का पाठ करना चाहिए। दुर्गा जी की आरती (Durga Mata Ki Aarti Ambe Mata Ki Aarti in Hindi) जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस […]
Continue Readingनमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥
निराकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥
यज्ञ और हवन (Havan Yagya) पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए किये जाते है। यज्ञ की जीतनी महिमा की जाये उतनी कम है। यज्ञ या हवन करते समय प्राय लोग कुछ गलतीयाँ कर देते है जिस कारण उन्हें यज्ञ का पूर्ण फल नही मिल पाता है। पूर्ण फल प्राप्ति के लिए निम्न बातों का विशेष […]
Continue Readingयज्ञ और हवन के लिए मण्डप निर्माण || Yagya Havan Mandap kese banaye ? 1- मण्डप को अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। आम, जामुन और अशोक आदि के जल्दी न मुरझाने वाले नये और कोमल पत्ते, केले के खम्भे, पत्तीयों के वन्दनवार, उपलब्ध रंग गुलाल, ऋतु फूल, छोटे-छोटे फल आदि सूझ-बूझ के साथ […]
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