श्री लक्ष्मी चालीसा हिन्दी अर्थ सहित- Shri Lakshmi Chalisa in Hindi॥ Maatu Lakshmi Kari Kripaa
मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास।
मनोकामना सिद्घ करि, परुवहु मेरी आस॥
यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं।
सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥
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मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास।
मनोकामना सिद्घ करि, परुवहु मेरी आस॥
यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं।
सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।
दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल ॥
जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज ।
करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज ॥
महर्षि आयोदधौम्य के दूसरे शिष्य का नाम था उपमन्यु। गुरु जी ने उसे गाय चराने का काम पर लगा दिया था। वह दिन भर जगलो में गाय चराता और रात को गुरु आश्रम में लौट आता।
Continue Readingअगर जीवन में सही गुरू मिल जाये और उन गुरू पर पूर्ण श्रद्धा हो, पूर्ण विश्वास हो तो बेडा पार ही हो जायेगा। गुरू के वचन और आज्ञा पालन करने वाले के लिए जीवन मे कोई भी काम कठिन नही है।
Continue Readingभक्तो की कहानी (Bhakto ki New Kahani in Hindi):- चोरी, हिंसा, झूठ, दम्भ (झूठा आडंबर), काम, क्रोध, अहंकार, मद (अपने आपको दूसरों से अधिक योग्य मानना), भेदबुद्धि (भेदभाव करने वाली बुद्धि या विचारधारा), शत्रुता, अविश्वास, डाह (ईर्ष्या, जलन) और स्त्री, सुरा (शराब, मदिरा) एवं द्युत (जुआ खेलना) के व्यसन इन पंद्रह अनर्थों की जड़ धन […]
Continue Readingकनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग,
पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥
श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल।
वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल।।
विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय।
कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय॥
इन आदतों से में ग्रह दूषित होते है उन आदतों से कैसे बचें :- Jyotish good habits and bad habits: १) अगर आपको कहीं पर भी थूकने की आदत है तो यह निश्चित है कि आपको यश, सम्मान अगर मुश्किल से मिल भी जाता है तो कभी टिकेगा ही नहीं। wash basin में ही यह […]
Continue Readingजय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल।
विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥
आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं
वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं
बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।
अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥