Second Phase of COVID 19

Second Phase of COVID-19: कोरोना का Second Phase कितना है खतरनाक?

कोरोना भारत

कोरोना का असर हर जगह देखने को मिल रहा है, कई शहरो में रातो मे कर्फ्यू लग रहे है। अब हम कोरोना के दूसरे चरण ( Second Phase of COVID-19 ) में पहुँच चुके है और कोरोना का यह स्तर बहुत ही चुनौतियों से भरा हुआ दिखाई दे रहा है। महाराष्ट्र में कोरोना का असर बहुत तेजी से देखने को मिल रहा है, केवल महाराष्ट्र ही नही इस वायरस का असर राजधानी दिल्ली, राजस्थान, पंजाब एवं गुजरात में भी काफी तेजी से बढ रहा है। यह करीब एक वर्ष से अधिक होने को जा रहा है पर इसका असर कम होने का नाम ही नही ले रहा है।

अब तक देश में कोरोना के केस की संख्या लगभग 12 करोङ तक पहुँच गयी है और करीबन डेढ लाख से भी अधिक मौत हो चुकी है। कोरोना के तेजी से बढने के कारण सिर्फ आम लोगो को ही नही बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी काफी नुकसान हुआ है। पिछली बार लॉकडाउन होने के वजह से काफी लोगो की नौकरियां चली गयी थी, एवं अचानक लॉकडाउन होने के वजह से बहुत सारे मजदूर एवं विद्यार्थी दूसरे शहरो में फँस गये थे। वैक्सीन के आ जाने से थोङी राहत जरुर हुई है पर इस वाइरस का प्रकोप कम नहीं हुआ है। यह अब अपने दूसरे स्तर पर पहुँच चुका है और लोगो में इसका खौफ कम हो गया है।

महाराष्ट्र में तेजी से बढ रही है कोरोना के केस ( Second Phase of COVID-19 in Maharashtra)

महाराष्ट्र में इस वाइरस का बहुत गंदा असर देखने को मिला है, दिन पर दिन इसका असर बढते जा रहा है। अब तक महाराष्ट्र में कुल 29 लाख से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस है और 55 हजार से ज्यादा मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार और रविवार को लॉकडाउन लगा दिया है। कई आफिस-दफ्तरो ने अपने कर्मचारियों को घर से ही काम (Work From Home) करने की अनुमती दे दी है।  अस्पतालों की हालत बहुत खराब हो चुकी है, मरीजे की संख्या बढते जा रही है और अस्पतालों में जगह कम पङ रही है। इतना ही नही वैक्सीन की भी कमी होते हुए नजर आ रही है और इस वजह से महाराष्ट्र की सरकार केन्द्रीय सरकार से वैक्सीन की डोज बढाने की भी मांग कर रही है। कई स्कूल कालेजो में बच्चो के कोरोना पॉजिटिव होने के वजह से इंस्टीट्युट बंद कर दिये गये है।

कोरोना का Second Phase

कोरोना अब अपने दूसरे स्तर पर पहुँच चुका है और लोगो में इसका खौफ कम हो गया है। लोग अब बिना मास्क के ही घरों से बाहर निकलने लगे है, सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य नियमों का पालन करना छोङ चुके है। नये नियमों के अनुसार शादी-विवाह वाले जगहो में 100-200 लोगो की अनुमति दी गयी है, लेकिन फिर भी लोग इन नियमों को मानने से इंकार करते है। इतना ही नही, हमारे देश के नेता भी कहां पीछे रहने वालो में से है, इलेक्सन के शुरु होते ही देश के कोने कोने में रैलियाँ करने निकल पङे। लाखो में लोग जमा होते है इनकी रैलियों को देखने के लिये बिना किसी एहतियात के। आधे से ज्यादा लोग तो इन रैलियों में बिना मास्क के ही चले आते है, नेताओ को ही देख ले स्टेज पर भी ये सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते है।

केवल स्कूल कलेजो के बंद होने से कोरोना को नहीं रोका जा सकता है, इससे केवल बच्चो के पढाई पर असर होगा, एवं साल बर्वाद होगा। यदि कोरोना को रोकना है तो इन राजनीतिक रैलियों में शामिल होना या अनावश्यक चीजों के लिए घरो से बाहर जाने से खुद को रोकना होगा। इतना ही नहीं, मास्क का इस्तेमाल करना एवं सैनिटाइजर से अपने हाथों को बार बार अच्छे से साफ करने पर ज्यादा ध्यान देना पङेगा।

Second Phase of COVID-19 कोरोना से खुद को बचाना है तो नियमों का सही तरह से पालन भी करना होगा, तभी हम इससे जीत सकते है।

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