Benefits of Neem Leaves in Hindi

नीम के पत्ते चबाने के फायदे || Benefits of Neem Leaves in Hindi

स्वास्थ्य

नीम के पत्ती का उपयोग प्राचीन जमाने से ही औषधि के रूप में होता आ रहा है। इसे भारत में काफी महत्व दिया जाता है। यह fungal infection, skin problem जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। नीम के तेल के उपयोग से अनेक प्रकार की साबुन, लोशन, और शैम्पू बनाए जाते है। नीम की पत्तियों का उपयोग मच्छरों को भगाने में किया जाता है। औषधि के अलावा नीम का उपयोग खाने में भी किया जाता है, मयानमार में तो नीम की पत्तियों का इस्तेमाल salad के रूप में किया जाता है। नीम की पत्तियों की खास बात यह है कि इसे फ्रीज में रखने से यह काफी time तक ताजा रहती है।

यह आर्टिकल में नीम के अनेको उपयोग के बारे में बताया गया है जिससे शायद बहुत लोग अनजान होगे।

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नीम का उपयोग || नीम की पत्ती चबाने के फायदे (Benefits of Neem Leaves in Hindi)

 

रूसी को हटाये

नीम में fungal infection हटाने के गुण पाए जाते है। यह बालों को रूसी से बचाता है, खुजली और सूखेपन से भी राहत देता है और यदि बालें में जूँ हो तो इसके इस्तेमाल से वह भी गायब हो जाती है।

नीम को पानी में रखे और जब तक पानी का रंग हरा ना हो जाए तब तक पत्तियों को नहीं हटाए फिर शैम्पू के बाद इसी पानी से बालो को अच्छे से धो ले। इससे आपके रूसी की समस्या चुटकी में दूर हो जाएगी।

 

खून को शुध्द रखे

नीम में रक्त शोधक के गुण होते है जो की हानिकारक पदार्थ से छुटकारा पाने में मदद करता है एवं इसके अलावा यह शरीर के अन्य भागो oxygen ले जाने में मदद करती है।

 

Diabetes के उपचार

Diabetes के लिए नीम से अच्छा उपाय कुछ नहीं है। नीम आपकी खून में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित रखता है। जिन लोगो को Diabetes होने की chances अधिक होती है उन्हे नीम की 10 से 15 पत्ते रोज लेने चाहिए।

 

मलेरिया का उपचार

नीम में anti-malarial गुण पाया जाता है जो मलेरिया से लङने में मदद करता है। इसके पत्तों का उपयोग मलेरिया के इलाज में या फिर मलेरिया के रोकथाम में किया जा सकता है। नीम की चाय भी मलोरिया में काफी गुणकारी साबित होती है।

 

त्वचा के लिए बहुत उपयोगी

नीम के पाउडर, पेस्ट या फिर तेल को त्वचा के किसी भी संक्रमित भाग पर लगाने से त्वचा ठीक रहती है क्योंकि इसमें anti-fungal गुण होता है जो किसी भी तरह के संक्रमण को ठीक कर सकता है।

 

पेट के कीङो के इलाज के लिए

नीम अपने विरोधी परजीवी गुणों के कारण पेट के कीङों का सफाया करती है। यह परजीवी के रहने की क्षमता को रोकता है। रोजाना खाली पेट नीम की नर्म पत्ते चबाने से पेट के कीङो का सफाया होता है।

 

नीम के फायदे के साथ साथ इसके नुकसान भी है क्योंकि सामान्य रूप में नीम शरीर में शक्कर की मात्रा को कम करता है यदि आप व्रत में है तो नीम का सेवन करना परहेज कीजिए। Diabetes मरीजों को डॉक्टर के अनुमति के बिना नीम का सेवन नही करना चाहिए क्योंकि यह रक्त में शक्कर की level कम कर देता है, इसलिए नीम के सेवन के समय रक्त में शक्कर की level की निगरानी भी जरूर करते रहे। यदि आप नीम के तेल का उपयोग बालों में कर रहे है तो बालों को धोते वक्त ध्यान रखे की तेल से कोई प्रकार की जलन न है। क्योकि कभी कभी तेल के वजह से आँखों नें जलन भी होने लगता है।

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छोटे या फिर शिशु- बच्चो को नीम से दूर रखना चाहिए क्योंकि जङी- बूटी बच्चो को नही दी जाती है। इसके अलावा नीम के तेल को कभी भी आन्तरिक रूप में नही लिया जाता है।

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