Bihar Ambulance Controversy

Bihar Ambulance Controversy: रूडी बोले, एंबुलेंस हैं, ड्राइवर नहीं तो पप्पू यादव ने करा दी ड्राइवरों की परेड

कोरोना राजनीति

बिहार में भी कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर से चारो तरफ हाहाकार मचा हुआ है। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों की व्यवस्था चरमरा हुई है। किसी अस्पताल में बेड नहीं है तो किसी में ऑक्सीजन और वेंटिलेटर नहीं है तो कहीं एंबुलेंस नहीं, अगर एंबुलेंस है भी तो चालाक मनमानी रकम कोरोना मरीजों (Corona Patient) के परिजनों से वसूल रहे हैं। बिहार में कहीं लोग अपनों को बचाने के लिए उन्हें गोद में उठा कर भाग रहे हैं तो कहीं बाइक से ही मरीज को लेकर सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करने को मजबूर है। उसी बिहार से आई एक तस्वीर किसी को भी परेशान कर सकती है, ऐसे समय में जब बिहार में एंबुलेंस माफिया मनमाना किराया वसूल रहा है, उसी बिहार के छपरा में एक-दो नहीं बल्कि 30 से भी ज्यादा नई एंबुलेंस बेकार पड़ी है। शुक्रवार को जन अधिकार पार्टी (JAP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव (Pappu Yadav) छपरा पहुंचे, जहां उन्होंने बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी (Rajiv Pratap Rudy) के अमनौर स्थित कार्यालय के परिसर में खड़ी दर्जनों एंबुलेंस पर छापा मारा। पप्पू यादव ने दावा किया की राजीव प्रताप रूडी (Rajiv Pratap Rudy) के नाम से यहां 30 से ज्यादा एंबुलेंस खड़ी है और वो इस महामारी में किसी के भी काम नहीं आ रही।

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इन एंबुलेंसों को देख कर पप्पू यादव ने कहा कि अभी बिहार में जिस तरह का माहौल है ऐसे में एंबुलेंस की बहुत जरूरत है लेकिन यहां ये एंबुलेंस ऐसे ही रखी हुई है। पप्पू यादव ने सीधे सवाल पूछा कि जिन एंबुलेंस को सांसद विकास निधि से खरीदा गया, उन्हें यहां किसके आदेश पर छिपा कर रखा गया। जबकि बिहार की जनता लूट रही है। पप्पू यादव बोलें, इसकी जांच होनी चाहिए, सारण डीएम (DM), सिविल सर्जन (Civil Surgeon) यह बताएं और बीजेपी (BJP) जवाब दे।

पप्पू यादव के आरोप पर राजीव प्रताप रूडी का जवाब

जब सवाल गिरेबान तक पहुंचा तो राजीव प्रताप रूडी (Rajiv Pratap Rudy) ने भी जवाब देने देर नहीं की। पप्पू यादव (Pappu Yadav) के आरोपों पर रूडी सामने आए और कहा कि ड्राइवरों की कमी होने की वजह से ये एंबुलेंस (Saran Ambulances) यहां खड़ी है। रूडी ने पप्पू यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि पप्पू यादव वहां पहुंच कर जबरन कैम्पस में घुसे और एंबुलेंस में तोड़फोड़ किया। रूडी ने कहा है कि सांसद फंड से 80 से ज्यादा एंबुलेंस पंचायतों को दिए गए थे। लेकिन कुछ एंबुलेंस ड्राइवर (Ambulance Drivers) के बिना बंद हैं। उन पंचायतों ने एंबुलेंस वापस कर दिए। उन्होंने आगे कहा कि हमने ड्राइवर के बिना बंद एंबुलेंस को चालू कराने के लिए 6 मई 2021 को डीएम को पत्र लिखा था और ड्राइवर उपलब्ध कराने की गुजारिश की थी। पप्पू यादव सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। पप्पू यादव अगर चाहें तो सभी एंबुलेंस ले जा कर जनता की सेवा में लगा दें।

ड्राइवरों की टीम लेकर पहुंचे पप्पू यादव

राजीव प्रताप रूडी के चुनौती को स्वीकार करते हुए पप्पू यादव ने शनीवार को ड्राइवरों की पूरी टीम के साथ मीडिया के सामने आए। उन्होंने दावा किया कि 40 ड्राइवर उनके पास हैं, सरकार के पास इन सभी का नाम लिखकर भेजा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अपने खर्च से इन ड्राइवरों मुहैया कराएंगे। पप्पू यादव ने रूडी के उस पत्र पर भी सवाल खड़े किए जिसमें सांसद फंड से खरीदी गई बंद एंबुलेंस का खुलासा होने के बाद 1 दिन पहले का पत्र BJP सांसद ने अपनी सफाई में सार्वजनिक किया था। ये एंबुलेंस सवा साल से यहां क्यों रखा था। जब सरकार आपकी है तो आपने क्यों नहीं सरकार से पहले ही बात की कि हमारे पास एम्बुलेंस बिना चालक पड़े है। जबकि बिहार में जनता महीनों से त्राहिमाम कर रही है।


दरअसल, कोरोना महामारी (Corona Epidemic) में पप्पू यादव लोगों की दिल खोल कर मदद कर रहे हैं। कभी वो जरूरत मंद लोगों को इंजेक्शन (Injection) बांटते हैं तो कभी ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinder), कभी किसी को दवाई तो कभी किसी को एंबुलेंस मुहैया कराते हैं। लेकिन सेवा धर्म करने के साथ-साथ अब उन्होंने सरकार की व्यवस्था की पोल खोलनी भी शुरू कर दी है। कभी अस्पताल पहुंच जाते हैं तो कभी श्मशान में औचक निरीक्षण करने पहुंच जाते हैं। इसी सिससिले में वो छपरा पहुंचे थे जहां कोरोना काल में ये नजारा देख हर कोई दंग है। ऐसे में सवाल है कि जनता के पैसे से खरीदी गई इन एंबुलेंस को जनता की काम में क्यों नहीं लगाया गया? इस कोरोना काल में जहां जनता एंबुलेंस के लिए एक किलोमीटर के लिए हजारों रुपया दे कर जाने को तैयार है ऐसे समय में बीजेपी नेता के घर खड़े दर्जनों एंबुलेंस (Ambulance) क्यों धूल फांक रहीं है? पप्पू यादव को यहां छापामारी करने का अवसर ही क्यों मिला? इन सारे सवालों पर रूडी का जवाब बहुत सीधा सा है कि उनको ड्राइवर नहीं मिलें। लेकिन क्या उनकी ये सफाई काफी है?

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जरा सोचिए कि क्या कोई सांसद ड्राइवर नहीं अरेंज (Arrange) कर सकता। ऐसे माहौल में जहां जमीन पर अस्पताल से लेकर अक्सीजन तक के लिये मारामारी हो रही हो, एक एंबुलेंस के लिए ना जाने कितने लोग हैं जो कतार में खड़े हैं। वहां कोई सांसद कहें कि दर्जनों एंबुलेंस सिर्फ इसलिए नहीं चल पा रहे क्यों कि ड्राइवर नहीं है, कहां तक सही है।

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