KP Sharma Oli

KP Sharma Oli फिर बने नेपाल के प्रधानमंत्री

दुनिया

K.P. Sharma Oli एक बार फिर से नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किए गए। संसद में कुछ दिन पहले ही विश्वास मत गंवाने के बाद Khadga Prasad Sharma Oli ने फिर से सरकार गठन में सफल रहे, और यह लेकर Oli तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने है। Oli 2015-2016 फिर 2018- 2021 और अब फिर से प्रधानमंत्री बन चुके है। ऐसा करके Oli केवल नेपाल में ही नही बल्कि हर जगह प्रसिध्द हो गये है। अब तो K.P. Sharma Oli के बारे में हर कोई जानना चाहता है।

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खड्ग प्रसाद शर्मा ओली कौन है? Who is K.P. Sharma Oli?

K.P. Sharma Oli नेपाल के 41 Prime Minister है, इनका पूरा नाम खड्ग प्रसाद शर्मा ओली (Khadga Prasad Sharma Oli) है। इनका जन्म 22 फरवरी 1952 में एक ब्राहम्ण परिवार में हुआ था। K.P. Sharma Oli के पिता का नाम मोहन प्रसाद ओली (Mohan Prasad Oli) और माता का नाम मधुमाया ओली (Madhumaya Oli) था। बचपन में Oli के माँ का देहान्त के बाद पिता ने ही इनकी देख रेख की थी। Oli को पढाई में कुछ खास रूचि नही थी लेकिन राजनीति में वे बचपन से ही काफी अच्छे थे। दसवीं के बाद उन्होने आगे की शिक्षा ग्रहण नही की। Oli को 1991, 1994 एवं 1999 में झापा जिले का संसद चुना गया था और यहीं से Oli ने अपने राजनीतिक career की शुरूआत की थी। Oli ने सीपीएन- यूएमएल के उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव में झापा से 7 seats जीती थी। इतना ही नहीं Oli 1994-1995 में गृह मंत्री भी बने थे और वर्ष 2006 में अंतरिम सरकार में विदेश मंत्री चुने गये थे। इसके बाद 2015 में प्रधानमंत्री सुशील कोयराला को हरा कर नेपाल के प्रधानमंत्री बने जिसमें K.P. Sharma Oli को 338 और सुशील कोयराला को 249 मत प्राप्त हुए थे। इसी समय नेपाल में नया संविधान लागू हुआ था और नया संविधान लागू होने के बाद K.P. Sharma Oli नेपाल के पहले प्रधानमंत्री चुने गए थे। सत्ता में आते ही उन्होने नेपाल के संविधान का संशोधन एवं China को साथ व्यापार संधियों पर signature करने के लिए भारत के खिलाफ कङा रुख अपनाया।

 

नेपाल की राजनीति में क्या हुआ?

नेपाल में राजनीतिक संकट पिछले साल December से शुरू हुआ था जब राष्ट्रपति ने Oli के recommendation पर संसद को भंग करके वापस से एक नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया था।

सदन में K.P. Sharma Oli के विश्वास मत हारने के बाद नेपाल की राष्ट्रपति ने विपक्ष के पार्टियों को बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए Thursday 13/05/21 रात 9:00 बजे तक का समय दिया था। नेपाल के संविधान का अनुच्छेद 76(2) के अनुसार नई सरकार बनाने के लिए दो या उससे अधिक संसद में अपनी majority के आधार पर सरकार बनाने का दावा कर सकती है। सोमवार date: 10/05/21 को Lower House में 232 votes डाले गये थे जिसमें K.P. Sharma Oli के पक्ष में केवल 93 सांसदो का votes आ पाये। तो वहीं दूसरी तरफ कुल 124 सांसदो ने Oli के खिलाफ में votes दिए थे और इसके अलावा 15 सांसदो ने इस मतदान में हिस्सा ही नही लिया। यह बता दे की नेपाल में अभी K.P. Sharma Oli के नेतृत्व की पार्टी संसद में सबसे बङी पार्टी है इनके पास कुल 120 सांसद है। इसके अलावा दूसरी पार्टियों में नेपाली कांग्रेस के पास 61,जनता समाजवादी के पास 32 और माऔवादीयों के पास अभी फिलहाल 43 सांसद है। Oli के विश्वास मत हारने के बाद कांगेस के नेता शेरबहादुर देउआ ने गठबंधन वाली सरकार बनाने का suggestion पेश किया लेकिन इनके पास भी 124 सांसद है और सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 136 सांसदो की जरुरत है।

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Thursday तक नेपाली कांग्रेस के प्रमुख नेता शेर बहादुर देउबा को नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनने के लिए संसद में पर्याप्त मत मिलने की काफी उम्मीद थी, उन्हे तो सीपीएन माओइस्ट के अध्यक्ष पुष्पकमल दहल का support मिला हुआ था। लेकिन Oli कहां चुप बैठे रहने वालो में से थे, उन्हे अंतिम वक्त में पार्टी बैठक नें पुष्पकमल दहल का प्रधानमंत्री बनने का सपना तोङ दिया। क्योकि बैठक के बाद नेता माधव कुमार नेपाल में अपना रुख बदल लिया। और वर्तमान समय में K.P. Sharma Oli वापस से प्रधानमंत्री के पद के लिए नियुक्त हुए है।

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